शैक्षणिक कार्य एवं कक्षा नवाचार में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) विषय पर एक सप्ताहीय ऑनलाइन अल्पकालीन पाठ्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन

admin  3 months, 4 days ago Top Stories

PANIPAT AAJKAL : मंगलवार 30  दिसंबर 2025, आर्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय व यूजीसी मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर, भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय,खानपुर कलां, सोनीपत के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित एक सप्ताह के ऑनलाइन अल्पकालीन पाठ्यक्रम शैक्षणिक कार्य एवं कक्षा नवाचार में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)” का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों एवं शोधार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के आधुनिक उपकरणों एवं तकनीकों से परिचित कराना तथा उन्हें शैक्षणिक कार्यों और कक्षा शिक्षण में प्रभावी रूप से उपयोग करने हेतु सक्षम बनाना था। इस कोर्स में कुल २४ सत्रों में १५ रिसोर्स पर्सन ने कृत्रिम बुद्धिमता व उसके आयामों को किस प्रकार हम अपने टीचिंग,लर्निंग व रिसर्च में जोड़कर उसे प्रोडक्टिव बना सकते हैं।

प्रो• जगदीश गुप्ता ने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए यूजीसी एम एम टी टी सी, बी पी एस महिला विश्वविद्यालय की निदेशक प्रो शेफाली नागपाल, इस कार्यक्रम के संयोजक पंकज चौधरी व डॉ रजनी।शर्मा, रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेल।की इंचार्ज डॉ अनुराधा सिंह, आईक्यूएसी की  संयोजक डॉ गीतांजलि धवन को इस कोर्स के सफल आयोजन व समापन पर बधाई दी।

पाठ्यक्रम के दौरान सभी मुख्य वक्ताओं ने ए आई आधारित शिक्षण उपकरणों, कंटेंट निर्माण, मूल्यांकन पद्धतियों, शोध कार्यों में AI के उपयोग, स्मार्ट कक्षा नवाचार तथा डिजिटल शिक्षण रणनीतियों** पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञ

वक्ताओं ने उदाहरणों एवं गतिविधियों के माध्यम से AI के शैक्षणिक क्षेत्र में बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला।

समापन सत्र में मुख्य अतिथि प्रो (डॉ) संजय कौशिक, माननीय कुलपति, गुरुग्राम विश्वविद्यालय, गुरुग्राम रहे।  उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि आज का युग तकनीक का युग है।  मुख्य रूप से कृत्रिम बुद्धिमता हमारे शिक्षण व मानवीय बुद्धिमता को।प्रभावित कर रही है।  उन्होंने ने बताया कि एक रिसर्च केमुताबिक ४४% बेरोजगारी ए आई की वजह से उत्पन्न हो रही है। सर ने बताया को विद्यार्थियों के इंगेजमेंट को बढ़ाने के लिए हमें अपने क्लासरूम में ए आई की इंटीग्रेट करना जरूरी है।  लेकिन इसका प्रयोग सोच समझकर करना है ताकि ये हमारी मूल बुद्धिमता कम्पवेटक न करे।

यूजीसी एमएमटीसी की निदेशक प्रो शैफाली नागपाल ने मुख्य अतिथि का दोनों संस्थानों की और से स्वागत किया।  प्रो नागपाल ने बताया कि पिछले छः दिनों में ए आतंके विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि हम सभी प्राध्यापक है और हम सभी के लिए लर्न, अनलर्न व रीलर्निंग जरूरी है।

प्रो जगदीश गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है और शिक्षकों के लिए इसका जिम्मेदार एवं नैतिक उपयोग अत्यंत आवश्यक है। डॉ गुप्ता ने बताया कि शिक्षको को अपडेट करने के लिए व अध्ययन को और प्रभावी बनाने के लिए कॉलेज में समय समय पर इस।तरह के प्रोग्राम आयोजित होते रहते हैं।

कार्यक्रम संयोजक पंकज चौधरी पाठ्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को एआई टूल्स के माध्यम से अकादमिक लेखन, शोध कार्य, मूल्यांकन प्रक्रिया, शिक्षण सामग्री निर्माण तथा स्मार्ट क्लासरूम की अवधारणाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञ वक्ताओं ने व्याख्यान, लाइव डेमो, केस स्टडी एवं व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से एआई के जिम्मेदार एवं नैतिक उपयोग पर भी प्रकाश डाला।

संयोजक डॉ रजनी शर्मा ने पाठ्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्रतिभागियों ने पूरे सप्ताह सक्रिय सहभागिता दिखाई और नवाचार आधारित शिक्षण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित किया।

अंत में कार्यक्रम की सफलता के लिए आयोजन समिति एवं सभी संसाधन व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया गया। यह पाठ्यक्रम शिक्षकों को भविष्य की शिक्षा प्रणाली के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।

सत्रों को सुचारू रूप।से चलने के लिए प्रतिभागियोंको सत्र चेयरनकरने की ड्यूटी लगाई गई। 

जिसमें डॉ मनीषा नागपाल, डॉ  सोनिया सोनी, डॉ मधु गोयल, डॉ अशिमा सोना, डॉ प्रीति सिंह, डॉ दर्शिता दवे, डॉ राजेश कुमार आदि ने मुख्य वक्ताओं का स्वागत किया व सत्र के रिपोर्ट बनाई।

प्रतिभागियों ने आखिरी दिन अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि इस कोर्स के महत्व के बारे में बताया ।  उन्होंने कहा कि इस कोर्स।में सीखने के बाद वो इसमें बताए गए टूल को प्रयाग कर रहे हैं।  वास्तव में इस कोर्स करके उन सभी का ज्ञानवर्धन हुआ है।  भविष्य में भी वो इस तरह के और कोर्स इन्हों संस्थानों से करना चाहेंगे।

इस प्रोग्राम के लिए 151 प्रतिभागियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया जिसमें 120.से ज्यादा प्रतिभागियों ने इस शॉर्ट टर्म कोर्स को नियमत रूप से अटेंड किया। प्रो पंकज चौधरी ने छह दिन।के।सभी सत्रों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।इस कोर्स में 100 मार्क्स का असेसमेंट लिए गए।  जिनके अधर्मपर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।

इस कोर्स के सह समन्वयक प्राध्यापिका आस्था गुप्ता, डॉ सोनिया सोनी, डॉ मनीषा नागपाल, टेक्निकल समन्वयक प्राध्यापक विकास काठपाल व पंकज हर समय मौजूद रहे।

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