भाषा  विज्ञान के अध्ययन के प्रयोजन पर विचार गोष्ठी.

admin  6 hours, 36 minutes ago Top Stories

 PANIPAT AAJKAL : आई. बी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिंदी विभाग द्वारा भाषाविज्ञान के प्रयोजन पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया  | महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शशि प्रभा मलिक ने कहा कि यहाँ सर्वप्रथम इस तथ्य की ओर ध्यान आकृष्ट करना आवश्यक है कि भाषा के अध्ययन का लक्ष्य या प्रयोजन तथा भाषा विज्ञान के अध्ययन के प्रयोजन में मौलिक अंतर है | जिस प्रकार  काव्य के अध्ययन के प्रयोजन में और काव्यशास्त्र के अध्ययन के प्रयोजन में मौलिक अंतर है, उसी प्रकार भाषा अध्ययन के लक्ष्य  और प्रयोजन  दो सर्वधा भिन्न बातें है | वास्तविकता यह है कि व्यक्ति अपने जीवन और व्यवहार में दक्षता लाने हेतु अथवा अपनी अभिव्यक्ति को प्रभावशाली बनाने के उद्देश्य से भाषा का अध्ययन करता है जिससे उसे व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में सफलता मिलती है, किन्तु भाषा विज्ञान के अध्ययन का प्रमुख प्रयोजन है भाषा अथवा भाषाओ की संरचना का गम्भीर ज्ञान प्राप्त करना | भाषा, पढ़ना, सीखना  और अभिव्यक्ति की प्रभाववत्ता  के कौशल के साथ उसका सर्जनात्मक प्रयोग  करना एक कला है , जबकि भाषा विज्ञान भाषा की संरचना का विज्ञान है और उसके अध्ययन का प्रयोजन है उस विज्ञान में अधिक से अधिक दक्षता प्राप्त करना | भाषा को पढ़कर ,सीखकर व्यक्ति के जीवन का प्रमुख प्रयोजन होता है  कुशल वक्ता , कवि या लेखक बनना | कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. शर्मीला यादव ने कहा कि  भाषा की संरचना का वैज्ञानिक बोदय ,भाषा के अध्ययन की विविधि पद्धतियों का विकास , भाषा विज्ञान का भाषा –शिक्षण में उपयोग ,पाठालोचन ,अर्थ-निर्णय, अनुवाद आदि में भाषा विज्ञान की उपादेयता, प्राचीन संस्कृति और सभ्यता के ज्ञान में भाषा विज्ञान की उपयोगिता आदि में भाषा विज्ञान के अध्ययन में प्रयोजन का महत्त्व है | इस प्रतियोगिता में लगभग 15 छात्राओ ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया | छात्र रीया ने प्रथम एवं तन्नु ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया एवं तीसरा स्थान कोमल ने प्राप्त किया |विजेता छात्राओ को प्राचार्या द्वारा साधुवाद दिया गया |

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