आर्य बाल भारती विद्यालय में छात्र शिक्षक सार्थक संवाद कार्यक्रम का आयोजन.

admin  1 day, 5 hours ago Top Stories

-संवेदनशील आयु में उलझन माता-पिता और मित्रों से करें साझा - मनदीप सिंह

PANIPAT AAJKAL : 13 फरवरी, आर्य बाल भारती विद्यालय के सभागार में समाजसेवी संस्था "जियो और जीने दो" तथा विद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से आगामी परीक्षाओं के दृष्टिगत छात्राओं की "मन की बात" कार्यक्रम का आयोजन किया गया| इस जिला स्तरीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसडीएम मनदीप सिंह रहे जबकि प्रसिद्ध उद्योगपति सतबीर जांगड़ा पूर्व प्राचार्य जवाहरलाल शर्मा, सुखबीर शर्मा बीजेपी के जिला मीडिया प्रभारी ओम दत्त आर्य प्राचार्य डॉक्टर अशोक आर्य और वकील सुरती शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रही कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधान रणदीप आर्य ने की पूर्व प्राचार्य राजेश शर्मा ने कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी| कार्यक्रम का शुभारंभ गायत्री मंत्र के साथ हुआ और शांति पाठ के साथ ही यह कार्यक्रम संपन्न हो गया कार्यक्रम का मंच संचालन उप प्राचार्य जगदीश चहल ने किया तथा योग शिक्षक प्रवीण आर्य ने सभी का आभार व्यक्त किया कार्यक्रम को सफल बनाने में हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड् के स्वयंसेवकों ने अहम भूमिका निभाई| इस अवसर पर सभी वक्ताओं ने ऋषि दयानंद स्वामी श्रद्धानंद प्रथम राष्ट्रपति बाबू राजेंद्र प्रसाद, लाला लाजपत राय स्वामी स्वतंत्रतानंद और आचार्य बलदेव को भी बार-बार याद किया|
इस अवसर पर महान स्वतंत्रता सेनानी महाराजा सूरजमल की जयंती भी पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई राष्ट्रीय महिला दिवस पर विद्यालय की प्रतिभाशाली अध्यापिकाओं को भी सम्मानित किया गया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमंडल अधिकारी (नागरिक) मनदीप सिंह ने कहा कि विद्यार्थी जीवन मनुष्य जीवन का सर्वश्रेष्ठ भाग होता है जब विद्यार्थी के मन में उमंग हिलोरे मारती है यही नहीं यह आयु और भी संवेदनशील होती है किशोरावस्था में छात्र को विचारों के तूफान से प्रतिदिन गुजरना होता है ऐसे समय में अध्यापकों अभिभावक को और समाज के बुजुर्गों का पूर्ण सहयोग छात्रों को मिलता है वे छात्र अनुशासन और मर्यादा का पालन करते हुए आज्ञाकारी शिष्य बनाकर अपना भविष्य सुनिश्चित कर लेते हैं इसी के दृष्टिगत समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करके छात्रों का मार्गदर्शन किया जाता है उन्होंने कहा कि पानीपत की सभी आर्य शिक्षण संस्थानों में 15000 से अधिक छात्र इस समय शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि संवेदनशील आयु में उनके समक्ष कोई उलझन आ रही है तो उससे वह अपने माता-पिता सगे संबंधियों और मित्रों से साझा करें उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने विज्ञान वर्ग में m.tech परीक्षा उच्च श्रेणी में पास की हैं और उन्होंने पहले एनडीए की परीक्षा दी तथा m.tech के बाद इंजीनियर बनना चाहा लेकिन भाग्य विधाता को कुछ और मंजूर था आगे और मैं एचसीएस की परीक्षा पास करके एसडीएम बन गया उन्होंने कहा कि हरियाणा जहां गीता की जन्म स्थली है वही योगीराज भगवान श्री कृष्ण की कर्म स्थली भी है और भगवान श्री कृष्ण ने गीता में साफ संदेश दिया कि मनुष्य का कर्म पर अधिकार है फल पर नहीं इसलिए सभी छात्र छात्र जीवन के कर्तव्यों का पूरे अनुशासन के साथ पालन करें और भविष्य की चिंता भगवान पर छोड़ दें

उन्होंने कहा कि आर्य शिक्षण संस्थाएं आधुनिक विज्ञान को घर.घर तक पहुंचने में निजी शिक्षण संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय की विशेषता यह है कि यहां जहां छात्रों को उच्च कोटि की शिक्षा दी जाती है वहीं उच्च कोटि के संस्कार और खेल गतिविधियों में भाग लेने का अवसर भी उपलब्ध करवाया जाता है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एडवोकेट श्रुति शर्मा ने कहा कि छात्रों को भय मुक्त होकर परीक्षा देनी चाहिए अब हरियाणा सरकार ने कक्षा 6 से कक्षा 12वीं तक की फीस स्वयं वहन करने का निर्णय लिया है। अब अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक प्रतिभाशाली छात्र भी नि:शुल्क निजी विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर सकेंगेे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व प्राचार्य जवाहर लाल शर्मा ने कहा प्रतिभाशाली छात्रों को उच्च कोटिं की शिक्षा दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है कि छात्रों को जहां विज्ञान, वाणिज्य तथा कला संकाय को प्राथमिकता देनी चाहिए वहीं कक्षा 12वीं के बाद रोजगार परक शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का समय एआई का समय है फिर भी छात्रों को और अधिक मेहनत करके भविष्य में आने वाली चुनौतियों के प्रति अभी से सजग होना चाहिए
स्कूल के प्राचार्य डॉक्टर अशोक आर्य ने इस दौरान 'आधुनिक युग में अंग्रेजी के महत्त्व' विषय पर मंथन किया गया| डॉ. अशोक आर्य ने कहा कि अंग्रेजी एक भाषा ही नहीं बल्कि यह व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने का बेहतर साधन भी है| अंग्रेजी विश्व के अधिकतर देशों में स्वीकार की जाती है| उन्होंने कहा कि अंग्रेजी सीखने से छात्रों को अपने संचार कौशल को निखारने और करियर से जुड़े वैश्विक अवसरों को बढ़ावा देने में मदद मिलती है । अंग्रेजी एक ऐसी भाषा है जो लगभग सभी देशों में संचार का माध्यम है| इसलिए इसका व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी भाषा एक शक्तिशाली माध्यम है जो हमें दुनिया भर के लोगों से जोड़ती है और इसे हमारे दैनिक जीवन का आधार बनाती है

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