PANIPAT AAJKAL : आई.बी. (पी.जी.) कॉलेज, पानीपत के अंग्रेज़ी विभाग की टैगोर सोसायटी द्वारा भारत की प्रख्यात कवयित्री एवं स्वतंत्रता सेनानी सरोजिनी नायडू को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सरोजिनी नायडू के साहित्यिक योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका से परिचित कराना था। कॉलेज गवर्निंग बॉडी के महासचिव एल.एन. मिगलानी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि सरोजिनी नायडू जैसी महान विभूतियाँ भारतीय इतिहास और साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित और समाज सेवा के मार्ग पर अग्रसर होना चाहिए। उन्होंने ऐसे साहित्यिक आयोजनों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर कॉलेज की प्राचार्या डॉ. शशि प्रभा मलिक ने अपने संदेश में कहा कि सरोजिनी नायडू का जीवन साहित्य और राष्ट्र सेवा का अद्भुत संगम है। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संदेश दिया। उप-प्राचार्या डॉ. किरण ने अपने संबोधन में कहा कि सरोजिनी नायडू की कविताएँ केवल भावनात्मक अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि स्वतंत्रता और नारी शक्ति की सशक्त आवाज़ हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को साहित्य के माध्यम से सामाजिक जागरूकता विकसित करने के लिए प्रेरित किया। अंग्रेज़ी विभागाध्यक्ष एवं टैगोर सोसाइटी की समन्वयक डॉ. नीलम ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि सरोजिनी नायडू को “भारत कोकिला” के रूप में स्मरण किया जाता है, जिनकी काव्यधारा में राष्ट्रप्रेम, संवेदना और स्त्री-सशक्तिकरण की स्पष्ट झलक मिलती है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा उनकी प्रसिद्ध कविताओं का भावपूर्ण पाठ तथा उनके जीवन और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान पर प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत किए गए। प्रतियोगिता का मूल्यांकन निर्णायक मंडल डॉ. नेहा एवं प्रिया द्वारा किया गया।
भाषण प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे:
प्रथम पुरस्कार: भूमिका (बी.कॉम द्वितीय वर्ष)
द्वितीय पुरस्कार: मानवी (बी.ए. ऑनर्स द्वितीय वर्ष)
तृतीय पुरस्कार: ऋषभ (बी.ए. प्रथम वर्ष)
सांत्वना पुरस्कार: सिया (बी.ए. द्वितीय वर्ष) एवं वंदिता (बी.ए. ऑनर्स प्रथम वर्ष)
विजेताओं को प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिन्ह प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. निधि, रेखा, राहुल, डॉ. रेशु, दीप्ति, एकता तथा सुश्री रोशनी का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का सुंदर संचालन एम.ए. अंतिम वर्ष की छात्राएँ संजना और रूपांशी द्वारा किया गया।
अंत में डॉ. नीलम के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए न केवल एक साहित्यिक अनुभव रहा, बल्कि देशभक्ति, नारी सशक्तिकरण और सामाजिक चेतना का प्रेरक संदेश भी प्रदान करने वाला सिद्ध हुआ।