PANIPAT AAJKAL- शुक्रवार 13 फरवरी 2026, आर्य पी.जी. कॉलेज, पानीपत की एनएसएस इकाई द्वारा “सामाजिक जागरूकता एवं राष्ट्र निर्माण” विषय पर एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, नैतिक मूल्यों एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को सुदृढ़ करना था।
प्रातःकालीन सत्र में स्वयंसेवकों के लिए योग सत्र आयोजित किया गया। आयुष विभाग से आई प्रशिक्षक नीलिमा एवं राहुल ने विद्यार्थियों को योग, प्राणायाम, संतुलित आहार एवं ध्यान के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने सूर्य नमस्कार, श्वास-प्रश्वास क्रियाएँ, गर्दन, हाथ एवं पैरों के व्यायाम, त्रिकोण आसन, कटि आसन तथा विभिन्न प्राणायाम जैसे कपालभाति, अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास करवाया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
योग सत्र के उपरांत अधिवक्ता संजय कुमार द्वारा साइबर सुरक्षा विषय पर व्याख्यान दिया गया। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, साइबर बुलिंग, तथा विभिन्न सुरक्षा एप्लीकेशनों जैसे संचार साथी, साइबर स्वच्छता केंद्र, एम-कवच एवं साइबर क्राइम सुरक्षा सेल के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। यह सत्र अत्यंत संवादात्मक रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने साइबर अपराध से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए और समाधान के उपाय सीखे।
सांयकालीन सत्र में विद्यार्थियों को प्रेरणादायक लघु फिल्म “आई एम कलाम” दिखाई गई। प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने कहा कि ऐसी प्रेरणादायक फिल्में विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण एवं सकारात्मक सोच का विकास करती हैं।
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनीषा नागपाल ने बताया कि इस शिविर में लगभग 200 विद्यार्थियों ने भाग लिया और शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न कौशल सीखे। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी आस्था गुप्ता ने कहा कि ऐसे सामाजिक विषयों पर आयोजित शिविर विद्यार्थियों को जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं।
प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष वीरेंद्र शिंगला व कॉलेज प्राचार्य प्रो.डॉ. जगदीश गुप्ता ने भी कार्यक्रम में उपस्थित होकर स्वयंसेवकों को आशीर्वाद दिया। प्राध्यापक पंकज चौधरी ने विद्यार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं एप्लीकेशनों के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
यह एक दिवसीय शिविर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुआ।