एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में बाहरवें राज्य स्तरीय ‘वसंतोत्सव 2026: पुष्प प्रदर्शनी एवं पुष्प प्रतियोगिता’ का भव्य समापन
-इंसान में भी फूलों की तरह दूसरों के लिए समर्पित होने का भाव पैदा हो : राजीव एका, एस्टेट ऑफिसर, आई.ओ.सी.एल. रिफाइनरी
-नि:स्वार्थ भाव से दूसरों के लिए कुछ करने का बोध फूल और पौधे हमें कराते है: विनीता तोमर
-पर्यावरण संरक्षण को हमें हमारी पहली प्राथमिकता में शामिल करना होगा: जितेन्द्र गुप्ता
-आईओसीएल पानीपत ने किया ओवरआल ट्राफी पर कब्ज़ा, एसडीवीएम सिटी ने हासिल की रनर-अप ट्राफी
PANIPAT AAJKAL , 11 फरवरी, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में पर्यावरण बचाओ सोसाइटी के तत्वाधान में आयोजित बाहरवें राज्य स्तरीय ‘वसंतोत्सव 2026: पुष्प प्रदर्शिनी एवं पुष्प प्रतियोगिता’ का भव्य समापन हो गया । इस बार की प्रद्रशनी का थीम ‘प्रकृति संरक्षण: आत्मनिर्भर-विकसित भारत की और बढ़ते कदम’ रहा । समापन समारोह में बतौर गेस्ट ऑफ़ ऑनर राजीव एका, एस्टेट ऑफिसर, आई.ओ.सी.एल. रिफाइनरी, विनीता तोमर प्राचार्य दयाल सिंह पब्लिक स्कूल पानीपत और जितेंदर गुप्ता सीए ने शिरकत की और प्रदर्शनी के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किये । अति-विशिष्ट मेहमानों में देश बंधू गुप्ता राजकीय महाविधालय पानीपत के प्राचार्य डॉ सुभाष जागलान, महेश थरेजा समाजसेवी, विजेंद्र अत्री समाजसेवी, विकास मुट्नेजा, अधिवक्ता रघुबीर सिंह और संजय तोमर ने कार्यक्रम में शिरकत करके प्रतिभागियों का हौंसला बढाया । माननीय मेहमानो का स्वागत प्रधान दिनेश गोयल, उप-प्रधान राजीव गर्ग, जनरल सेक्रेटरी महेंद्र अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विशाल गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा और वनस्पति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ रवि कुमार ने पुष्प-रोपित गमलें भेंट करके किया किया । जूरी की भूमिका डॉ इंदु गर्ग, प्रो अन्नू आहूजा, डॉ संगीता गुप्ता, डॉ संतोष कुमारी, डॉ प्रियंका चांदना और डॉ मोनिका खुराना ने अदा की । विजेताओं को सर्टिफिकेटस, शील्ड और नकद पुरस्कार से नवाजा गया । प्रतिभागी मालियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया । सांस्कृतिक गतिविधियों में प्रो सचिन कुमार ने अपनी कविता पेश की । विदित रहे कि पुष्प प्रदर्शनी में व्यक्तिगत स्पर्धा में कुल 600 से अधिक प्रतिभागियों तथा 15 से अधिक संस्थानों ने अपने शौक-ए-गुल को प्रदर्शित किया तथा 1500 से ज्यादा पुष्प युक्त गमले रखे गए । वसंतोत्सव में फूलों की 60 से अधिक किस्में प्रदर्शित की गई जिनमें पेटूनिया, गुलाब, कोरनेशन, डाईएन्थस, केक्टस, सेज, फोलीएज, जिरेनियम, एनिमोंन, रेननकुलस, डेलिया, गुलदावदी, साइकलामेन, कल्सुलेरिया, पेन्सी इत्यादि शामिल रहे । दुर्लभ प्रकार की प्रजातियाँ जैसे ओर्चिड्स, लिलियम, केसर, आइरिस, लिली, डायबिटीस का पौधा भी आकर्षण का केंद्र बने । आईओसीएल पानीपत एक बार फिर प्रदर्शनी का आकर्षण बना और उसने ओवरआल ट्राफी पर कब्ज़ा किया और एसडीवीएम सिटी ने दूसरा स्थान प्राप्त किया । मंच संचालन डॉ प्रियंका चांदना ने किया ।

राजीव एका, एस्टेट ऑफिसर, आई.ओ.सी.एल. रिफाइनरी ने कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से कॉलेज ने युवाओं को यह समझाने का प्रयास किया है कि उनका जीवन भी फूलों की तरह नाजुक है और उनमे भी फूलों की तरह दूसरो के लिए समर्पित होने का भाव होना चाहिए । युवाओं की जरा सी लापरवाही न सिर्फ उनके खुद के भविष्य को जोखिम में डालती है बल्कि उनकी असफलता का उनके परिवार भी बुरा प्रभाव पड़ता है । युवाओं के भविष्य को फूलों से जोड़कर पेश करके इस प्रदर्शनी ने एक अनूठा एवं सटीक प्रयास किया है । उन्होनें कार्यक्रम के सफल आयोजन पर कॉलेज के सभी स्टाफ सदस्यों और विशेष तौर पर मालियों को बधाई दी ।
प्राचार्य विनीता तोमर ने कहा कि फूल हमारे जीवन का अनिवार्य हिस्सा है । फूल खुशहाली का प्रतीक होते हैं और उपवन की रौनक होते हैं । आज का युवा नशे, दुर्व्यसन और सोशल मीडिया के दुरूपयोग से खुद के जीवन से खिलवाड़ कर रहा है । उनके जीवन और भविष्य को फूलों की तरह पल्लवित करना ही ऐसे आयोजनों का मकसद है ।

जितेन्द्र गुप्ता सीए ने कहा कि इस आयोजन को देख कर वे भाव-विभोर हो गए है । इंसान के लिए प्रकृति से बड़ा कोई डॉक्टर नहीं है । वे खुद भी जब काम के बोझ से थक जाते है तो उनमे नया जोश फूंकने का काम बाहर बिखरी हरियाली और रंग-बिरंगे फूल ही करते है । उद्योग नगरी होने के कारण पानीपत प्रदूषण से भरपूर क्षेत्र है और ऐसे हालात में पेड़-पोधों के प्रति यहाँ के लोगों के मन में प्रेम को जागृत करना नितांत आवश्यक है । प्रकृति प्रेम और युवाओं के भविष्य की चिंता करने के जो विलक्षण उद्देश्य इस प्रदर्शनी ने पूर्ण किये है उसकी जितनी तारीफ़ की जाए वह कम है ।
दिनेश गोयल प्रधान ने कहा कि प्रकृति के गैर-जिम्मेदाराना दोहन से ही हमने धरती का सत्यानाश कर दिया है और इसीलिए पर्यावरण को बचाना अब हमारी ही जिम्मेदारी बन गया है । पर्यावरण संरक्षण को हमें हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता बनाना होगा । समाज मे एकता और सामाजिक समरसता का भाव ये पौधे हमें देते है । पर्यावरण का जो हाल हम ने आज के समय में किया है वह इंसान के लालच और मुर्खता के कारण है । वर्षो से फूल और पौधे समाज को कुछ न कुछ सिखाते आये है ।
डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि फूल-पौधे इंसान से कई मायनों में तो इंसान से ज्यादा समझदार है क्यूंकि ये दूसरों के लिए बलिदान देकर भी मुस्कुराते रहते है । पेड़ अपने फल खुद नहीं खाते, फूल अपनी खुशबू छिपा कर नहीं रखते । नि:स्वार्थ भाव का ऐसा उदाहरण इंसान को कोई और कैसे समझा पायेगा । फूल अलग-अलग होकर भी एकरूपता का बोध कराते है जो वर्तमान समय में बहुत प्रासंगिक है ।

रंगोली प्रतियोगिता
कॉलेज में आज रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमे स्कूल और कॉलेज के लगभग 100 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और फूल, फूलों की पंखुड़ियों, पत्तों एवं सूखे रंगों की मदद से सुन्दर रंगोलियां बनाई । रंगोली की टीमों ने महिलाओ के लिए जल्द न्याय, देश के वीर जवान, युवाओं को नशे से मुक्त करना, पर्यावरण संरक्षण और कन्या भ्रूण हत्या जैसे विषयों पर मार्मिक एवं सुन्दर रंगोली बनाई ।
रंगोली प्रतियोगिता के परिणाम
जूनियर केटेगरी
पंकज, मानवी, प्रभात नय्यर एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल पानीपत प्रथम
अनन्या, रीमा, रिद्धि, रवि एसडीवीएम सिटी पानीपत द्वितीय
शिया एसडी पीजी कॉलेज पानीपत विशेष ईनाम
सीनियर केटेगरी
परश. मधु, अक्षय एसडी पीजी कॉलेज पानीपत प्रथम
हर्ष, प्रशांत, काजल एसडी पीजी कॉलेज पानीपत द्वितीय
हैण्ड पेंटिंग प्रतियोगिता के परिणाम
जूनियर केटेगरी
कर्मन्या एसडीवीम सिटी पानीपत प्रथम
चन्दन एसडी सीनियर सेकांदय स्कूल पानीपत द्वितीय
सीनियर केटेगरी
हर्ष एसडी पीजी कॉलेज पानीपत प्रथम
मधु एसडी पीजी कॉलेज पानीपत द्वितीय
फूल सज्जा के परिणाम
महक एसडीवीएम हुडा पानीपत प्रथम
हरमीत एसडीवीएम हुडा पानीपत द्वितीय
फेस पेंटिंग प्रतियोगिता के परिणाम
दीक्षा एसडीवीएम हुडा पानीपत प्रथम
अवनी एसडीवीएम हुडा पानीपत द्वितीय
कैनवास पेंटिंग के परिणाम
जूनियर केटेगरी
गीता पाण्डेय एमएएसडी पब्लिक स्कूल पानीपत प्रथम
दिव्यांशी एसडीवीएम सिटी पानीपत द्वितीय
चन्दन एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल पानीपत द्वितीय
प्रिंस कृष्णा विद्या मंदिर पानीपत द्वितीय
सीनियर केटेगरी
मोहित तिवारी एसडी पीजी कॉलेज पानीपत प्रथम
काजल एसडी पीजी कॉलेज पानीपत द्वितीय
सेल्फी विद फ्लावर्स (छात्रा वर्ग) के परिणाम
सविता रोहिला एमएससी- रसायन शास्त्र प्रथम
सना एमए- अंग्रेजी प्रथम द्वितीय
सेल्फी विद फ्लावर्स (छात्र वर्ग) के परिणाम
रोहित एमए- अंग्रेजी द्वितीय प्रथम
सेल्फी विद फ्लावर्स (प्राध्यापक महिला वर्ग) के परिणाम
ममता प्रशासनिक विभाग प्रथम
सेल्फी विद फ्लावर्स (प्राध्यापक पुरुष वर्ग) के परिणाम
डॉ मुकेश पूनिया गणित विभाग प्रथम
इस अवसर पर कॉलेज स्टाफ सदस्य डॉ संतोष कुमारी, डॉ एसके वर्मा, डॉ मुकेश पुनिया, डॉ राकेश गर्ग, डॉ प्रियंका चाँदना, डॉ रवि कुमार, डॉ राहुल जैन, डॉ मोनिका खुराना, प्रो मयंक अरोड़ा, डॉ बलजिंदर सिंह, डॉ वीरेंद्र गिल, दीपक मित्तल, माली नगीना, राम भरोसे, हरी प्रसाद, काला आदि मौजूद रहे ।

