PANIPAT AAJKAL , 10 फरवरी। मंगलवार को जिला सचिवालय पानीपत व समालखा के सरल केन्द्र में सूचना एवं विज्ञान विभाग द्वारा सुरक्षित इंटरनेट दिवस का आयोजन किया गया। जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी संजय कुमार ने आमजन को सम्बोधित करते हुए बताया कि सुरक्षित इंटरनेट दिवस यानी (सेफर इंटरनेट डे) हर साल फरवरी माह के दूसरे सप्ताह के मंगलवार को मनाया जाता है। इसका मकसद इंटरनेट को सभी के लिए खासकर बच्चों के लिए एक बेहतर और सुरक्षित जगह बनाना है। इसी कड़ी में आज सुरक्षित इंटरनेट दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
अतिरिक्त जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी सीमा सैनी ने सरल केन्द्र में उपस्थित आमजन को सम्बोधित करते हुए बताया कि डिजिटल अरेस्ट कोई क़ानूनी प्रक्रिया नही है यह एक नया तरीका है जिससे साइबर अपराधी लोगो को डरा कर ठगते हैं। इसमें क्या होता है की एक अनजान नंबर से फोन कॉल आता है कॉल करने वाला व्यक्ति खुद को पुलिस या सीबीआई अधिकारी बताता है और पैसे की डिमांड करता है और डराता है की अगर अपने उसकी बात नहीं मानी तो आपको जेल हो सकती है। कई बार वह आपको वीडियो कॉल पर रहने पर मजबूर करता है और आपसे पैसे ट्रांसफर करवाता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के पास ऐसे कॉल आए तो तुरंत साइबर क्राइम कंट्रोल के हैल्पलाईन नंबर 1930 पर साइबर क्राइम की शिकायत दर्ज करें।
जूनियर प्रोग्रामर गौरव अग्रवाल ने बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति व अज्ञात नंबर से आने वाली फोन कॉल पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी या पैसो से सम्बंधित मांग को पूरा न करें। कभी भी भुगतान प्राप्त करने के लिए क्यू-आर कोड स्कैन या ओटीपी अथवा पिन सांझा न करे ये सब स्कैम का तरीका हो सकता है, इसको लेकर आमजन सतर्क रहे। जूनियर प्रोग्रामर कशीन चावला ने बताया कि ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम मे फेक वेबसाइट और सोशल मीडिया पर ऐड के द्वारा स्कैमर हैवी डिस्काउंट का लालच दिखा कर आपसे पैसो की मांग करते है पैसे ट्रांसफर होने के तत्पश्चात न तो वह सामान आपके पास पहुँचता है और ना ही आपके पैसे वापिस मिलते है। उन्होंने कहा कि सभी व्यक्ति इस तरह के स्कैम से बचें।
आईआरएडी के जिला प्रबंधक पुनीत ने बताया कि आज के इस तकनीकी युग में स्कैमर ए.आई. वाईस स्कैम का उपयोग करके आपके परिवार और दोस्तों की नकली वॉयस में कॉल करके अर्जेंट पैसे और दूसरी चीज़ों की मांग करते है। ऐसे कॉल्स और स्कैम से सावधान रहने कि आवश्यकता है और व्यक्ति की जांच करके ही इससे बचा जा सकता है।