PANIPAT AAJKAL : 2 फरवरी, हरियाणा खेत मजदूर यूनियन की पानीपत जिला कमेटी की ओर से मुख्य डाकघर के सामने विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन ग्रामीण की प्रति जला कर रोष व्यक्त किया। हरियाणा खेत मजदूर यूनियन के कार्यकर्ताओं ने खासतौर पर मनरेगा को बहाल करो - वी बी ग्राम जी को रद्द करो , मनरेगा बचाओ - रोजगार बचाओ, रोजगार बचाओ - मजदूर बचाओ, मजदूर बचाओ - देश बचाओ, मजदूर किसान विरोधी सरकार मुर्दाबाद - खेत एवं ग्रामीण मजदूरों की एकता जिंदाबाद, खेत मजदूर यूनियन जिंदाबाद आदि नारों के बीच यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष कामरेड दरियाव सिंह कश्यप एवं यूनियन के कानूनी सलाहकार कामरेड पवन कुमार सैनी एडवोकेट ने वी बी जी आर एम जी की प्रति जलाई।
इस अवसर पर यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष कामरेड दरियाव सिंह कश्यप ने कहा कि आज ही के दिन 2 फरवरी 2006 को वामदलों के समर्थन से चल रही यू पी ए 1 की सरकार के समय संसद में राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी कानून ( NREGA ) पास किया था। कामरेड कश्यप ने कहा कि बाद में इस कानून के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम जोड़ते हुए '' मनरेगा '' अस्तित्व में आया। उन्होंने कहा कि यह कानून ग्रामीण मजदूरों को साल में 100 दिन काम देने की गारंटी करता है। लेकिन भाजपा सरकार इस कानून को निरस्त करके वीबीग्रामजी लेकर आई है और कह रही है कि ग्रामीण मजदूरों को साल में 125 दिन काम दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत साल में किसी भी मजदूर को 50 दिन से ज्यादा काम नही दिया गया तो इस योजना के तहत साल में 125 दिन काम देने का वायदा मजदूरों के साथ सीधा - सीधा धोखा है।
यूनियन के कानूनी सलाहकार एवं सीपीआई के जिला सचिव कामरेड पवन कुमार सैनी एडवोकेट ने कहा कि भाजपा सरकार प्रत्येक वर्ष मनरेगा का बजट घटाती आ रही है क्योंकि केन्द्र सरकार इस कानून के लिए राज्यों को 90 प्रतिशत पैसा देती थी और राज्यों को केवल 10 प्रतिशत पैसा खर्च करती थी और काम ग्राम सभा तय करती थी। उन्होंने कहा कि अब वी बी ग्राम जी के तहत केंद्र सरकार राज्यों को 60 प्रतिशत पैसा देगी और 40 प्रतिशत राज्य सरकारों को खर्च करना पड़ेगा और काम केन्द्र सरकार तय करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें 10 प्रतिशत पैसा खर्च करने में हाथ खड़े करती आई हैं तो अब 40 प्रतिशत पैसा कहां से खर्च करेंगी। उन्होंने कहा कि इसलिए इस योजना में 125 दिन काम देने का वायदा भी जुमला ही साबित होगा।
यूनियन के जिला सचिव कामरेड भूपेन्द्र कश्यप ने कहा कि ग्रामीण मजदूर लगातार मनरेगा का बजट बढ़ाने,साल में 200 दिन काम देने और 600 रुपये प्रति दिन मजदूरी देने की मांग करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उपरोक्त मांगों को मानने के बजाए मजदूरों को रोजगार देने की गारंटी देने वाले कानून को ही खत्म कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय खेत मजदूर यूनियन मनरेगा को बहाल करने के लिए अन्य खेत मजदूर संगठनों के साथ मिलकर व्यापक स्तर आंदोलन तेज करेगी।
इस अवसर पर चार लेबर कोड , मनरेगा की बहाली और अन्य मांगों को लेकर 12 फरवरी को होने वाली देशव्यापी हड़ताल का पुरजोर समर्थन किया गया और उस दिन होने वाले रोष प्रदर्शन में भारी संख्या में शामिल होने का निर्णय लिया गया। आज के रोष प्रदर्शन में ओम सिंह यादव, सतीश कुमार,नवल किशोर, नईम खान,कमल कुमार कश्यप, धीरज कुमार ,रहमत अली आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।