जिला बनेगा औद्योगिक रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास का अग्रणी केंद्र: उपायुक्त डॉ वीरेंद्र कुमार दहिया

admin  1 month, 6 days ago Top Stories

-जिले में एनसीआर की शिक्षा,कौशल विकास योजना को मिली रफ्तार
-परामर्शदाता संस्था आरईपीएल ने जिला प्रशासन से मांगा सहयोग
-क्षेत्रीय योजना 2041 के तहत शिक्षा और कौशल विकास को मजबूत बनाने के लिए कार्यात्मक योजना तैयार करने की दिशा में कार्य प्रारंभ

 PANIPAT AAJKAL , 11 दिसंबर। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड ने क्षेत्रीय योजना 2041 के तहत शिक्षा और कौशल विकास को मजबूत बनाने के लिए कार्यात्मक योजना तैयार करने की दिशा में कार्य प्रारम्भ कर दिया है। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए रुद्राभिषेक एन्टर प्राइजेज लिमिटेड को परामर्शदाता संस्था के रूप में अधिकृत किया गया है। परियोजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकों के बाद परामर्शदाता दल अब जिला स्तर पर स्थिति का विस्तृत अध्ययन करने के लिए मैदान में उतर रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को जिला सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया के साथ आरईपीएल के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर रजनीश कुमार ने प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा की।

    उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड द्वारा शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में शुरू की गई यह पहल न केवल क्षेत्रीय महत्व की है, बल्कि पानीपत के भविष्य को नए आयाम देने वाली है। पानीपत एक ऐतिहासिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक महत्व वाला जिला है। यहां की प्रसिद्ध हस्तशिल्प परंपराएँ, कपड़ा उद्योग, निर्यात आधारित इकाइयां और उभरती हुई नई औद्योगिक गतिविधियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि यदि युवाओं को सही दिशा में कौशल प्रदान किया जाए, तो यह जिला रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास का एक अग्रणी केंद्र बन सकता है।

    उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन इस परियोजना को अत्यधिक गंभीरता से ले रहा है। हमारा उद्देश्य है कि शिक्षा और कौशल विकास की योजनाएँ केवल कागज़ों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीन पर उनका प्रभाव साफ दिखाई दे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि परामर्शदाता दल को पूर्ण सहयोग मिले, सभी कार्यालय समय पर जानकारी उपलब्ध कराएँ और जिले के विभिन्न क्षेत्रों में वास्तविक स्थिति का स्पष्ट चित्र उनके सामने आए।

    उन्होंने कहा कि पानीपत के युवाओं में अपार संभावनाए हैं। यदि उनकी शिक्षा और कौशल को स्थानीय उद्योगों की आवश्यकताओं से जोड़ा जाए, तो न केवल उनकी रोजग़ार क्षमता बढ़ेगी बल्कि जिला आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त होगा। उपायुक्त ने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से इस परियोजना की प्रगति पर नजऱ रखूँगा और जिले के समग्र विकास के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।  

    आरईपीएल के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर रजनीश कुमार ने बताया कि इसका उद्देश्य जिला कौशल समिति की कार्यप्रणाली को समझना, सरकारी व निजी प्रशिक्षण केंद्रों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, प्रवासन सहायता केंद्रों और बौद्धिक संपदा सहायता कक्षों की स्थिति का मूल्यांकन करना,स्थानीय उद्योगों की जरूरतों के आधार पर कौशल-अंतर विश्लेषण तैयार करना, शिक्षा व्यवस्था और उच्च शिक्षा ढाँचे की समीक्षा करना, पारंपरिक कारीगरी, हस्तशिल्प एवं स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को समझना जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहन अध्ययन करना प्रमुख है। उन्होंने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि जिला उद्योग केंद्र और जिला शिक्षा कार्यालय को निर्देशित किया जाए, ताकि वे सर्वेक्षण और जानकारी संकलन में पूर्ण सहयोग प्रदान करें।

img
img