PANIPAT AAJKAL , 10 दिसंबर, पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने साइबर अपराध के प्रति आमजन को जागरूक करते हुए बताया कि तकनीकी के इस युग में हर कोई मोबाइल कंप्यूटर से जुड़ा हुआ है। इंटरनेट की इस दुनिया में साइबर अपराधी भी तरह तरह हथकंडे अपनाकर लोगों के साथ ऑनलाइन पैसों की ठगी की वारदातों का अंजाम दे रहें है। साइबर अपराधी कभी फेसबुक का फर्जी अकाउंट बनाकर, अकाउंट को हैक कर, फेसबुक के माध्यम से फ्रेंड बनकर, वॉट्सअप पर वीडियों कॉल कर न्यूड वीडियों बना ब्लैकमेल कर, आपके परिचितों को बीमारी का बहाना बनाकर हॉस्पिटल में एडमीट होने की बात कहकर इत्यादी पैसों की डिमांड करते है। इस प्रकार के साइबर अपराधियों से बच कर रहें।
आज का युग रिकॉर्डिंग व स्क्रीन शार्ट का है अगर किसी से भी कोई बात करते हो तो सोच समझकर करें। अपने बैंक खाते की जानकारी किसी को भी मोबाइल के माध्यम सें न दें। किसी भी अंनजान व्यक्ति के द्वारा की गई कॉल पर विश्वास न करें इसके साथ ही किसी संस्था बारे जानकारी लेने के लिए टोल फ्री नम्बर को गुगल पर सर्च न करें। संस्था से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए उसकी वेबसाइट पर जाए। बहुत बार ऐसा होता है कि साइबर क्राइम के जरिए आपके बैंक खाते में से पैसे निकाल लिए जाते हैं, और हमे पता भी नहीं होता कि वह व्यक्ति कौन है ।
जागरूक्ता व सतर्कता ही साइबर अपराध से बचने का बेहतर उपाय
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने कहा कि साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत साइबर क्राइम रिपोर्टिंग हेल्पलाइन नम्बर 1930 पर कॉल करे या साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवाए। यहा शिकायत करने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी और तय किया जाएगा कि आपके अकाउंट से निकाले गए पैसे वापस मिल जाएं और अन्य अकाउंट्स में ट्रांसफर न किये जा सकें। जागरूक्ता व सतर्कता ही साइबर अपराध से बचने का बेहतर उपाय है।
साइबर ठगी से बचाने के लिए पानीपत पुलिस द्वारा समय समय पर जनहित में एडवाइजरी जारी कर लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है।