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पैसो के लेन-देने के चलते आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से प्रॉपर्टी डीलर नरेश शर्मा की हत्या को अंजाम दिया। - सीआईए-टू पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले तीनों आरोपियों को काबू करने मे बड़ी कामयाबी हासिल की

admin  5 months, 3 weeks ago Top Stories

PANIPAT AAJKAL : प्रॉपर्टी डीलर नरेश शर्मा की हत्या का पर्दाफ़ाश करते हुए सीआईए-टू पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले तीनों आरोपियों को काबू करने मे बड़ी कामयाबी हासिल की, पैसो के लेन-देने के चलते आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया।

आरोपियों की पहचान पुलकित मदान निवासी ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी पानीपत, चेतन व सुनील उर्फ नीती निवासी चंदौली के रूप मे हुई।

आरोपी पुलकित ने वर्ष 2018 मे नरेश शर्मा से 15 लाख रूपये ब्याज पर लिए थे। जिनमे से आरोपी 8 लाख रूपये वापिस दे चुका था। नरेश शर्मा ने बाकि बचे पैसे मांगे तो आरोपी पुलकित ने अपने दोस्तो के साथ योजना बना पैसे देने के बहाने नरेश शर्मा को सैक्टर-13/17 मे स्थित अपने गाड़ीयों के सेल प्रचेज ऑफिस मे ले जाकर तीनों ने गला दबाकर नरेश शर्मा की हत्या करने की वारदात को अंजाम दिया।

उप-पुलिस अधीक्षक श्री विजेन्द्र सिंह ने लघु सचिवालय के तृतीय तल पर स्थित पुलिस विभाग के सभागार मे प्रेसवार्ता कर प्रकरण की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 7 फरवरी को थाना शहर मे सुरेश शर्मा निवासी ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी पानीपत ने शिकायत दे बताया था कि उसका जीजा नरेश शर्मा निवासी यमुना ऐन्कलेव पानीपत प्रॉपर्टी डीलर का काम करता है जिनका ऑफिस सुखदेव नगर मे है। 6 फरवरी की देर साय करीब 8 बजै नरेश शर्मा अपनी ईटियोस कार मे सवार होकर सुखदेव नगर ऑफिस से घर के जाने के लिए निकला था जो घर नही पहुचा। सुरेश की शिकायत पर थाना शहर मे गुमशुदगी का अभियोग अंकित कर नरेश शर्मा की तलाश आरंम्भ कर दी गई थी। उप-पुलिस अधीक्षक श्री विजेन्द्र सिंह ने बताया कि 8 फरवरी को जिला करनाल पुलिस को बुढ़नपुर के समीप बगैर नंबर प्लेट लगी ईटियोस कार नहर मे मिली जो परिजनों ने उक्त कार की पहचान नरेश शर्मा की कार के रूप मे की थी।

उप-पुलिस अधीक्षक श्री विजेन्द्र सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक श्री सुमित कुमार जी ने संज्ञान मे यह मामले आते ही उन्होने मामले की जांच सीआईए-टू प्रभारी इंस्पेक्टर दीपक कुमार की टीम को सोपी। टीम ने विभिन्न पहलूओ पर जांच करते हुए नरेश शर्मा का जिन भी व्यक्तियों के साथ पैसो का लेनदेन था ऐसे करीब 25/30 व्यक्तियो से गहनता से पुछताछ करने के साथ-साथ पानीपत से बुढनपुर नहर पर जाने वाले सभी लिंक रोड़ व जीटी रोड़ पर पेट्रोल पंप या अन्य स्थानो पर लगे करीब 70/80 सीसीटीवी फुटेज कैमरों मे केद फुटेज को खंगालने के बाद टीम को सीसीटीवी फुटेज मे विभिन्न स्थानो पर नरेश की ईटियोस कार के साथ एक स्वीफट डिजायर कार चलती दिखी। साथ चल रही डिजायर कार की गहनता से जांच पड़ताल करने के बाद टीम ने आरोपियों का पता लगा सोमवार देर साय तीनों आरोपियों पुलकित मदान, चेतन व सुनील उर्फ निती को भैसवाल मोड़ पानीपत से काबु कर गहनता से पुछताछ की तो आरोपियों ने प्रॉपर्टी डीलर नरेश शर्मा की हत्या करने की वारदात को अंजाम देने बारे स्वीकारा।

उप-पुलिस अधीक्षक श्री विजेन्द्र सिंह ने बताया कि गिरफतार तीनों आरोपियो से की गई प्रारंम्भिक पुलिस पुछताछ मे खुलाशा हुआ की आरोपी पुलकित ने वर्ष 2018 मे प्रॉपर्टी डीलर नरेश शर्मा से 15 लाख रूपये ब्याज पर लिए थे। इन पैसो मे से वह 8 लाख रूपये ब्याज सहित नरेश शर्मा को वापिस दे चुका था। नरेश शर्मा ने आरोपी पुलकित मदान से अपने बाकी बचे 7 लाख रूपये मांगे तो पुलकित ने अपने गाडियों के सेल प्रचेज मे हिस्सेदार चेतन निवासी चंदौली से बातचित कर नरेश की हत्या करने बारे योजना बनाई। चेतन ने गांव निवासी सुनील उर्फ नीति से बातचित कर उसको एक लाख रूपये का लालच देकर उसको भी शामिल कर लिया। इसके बाद तीनों आरोपी करीब एक महिने से नरेश शर्मा की रेकी कर रहे थे। वारदात वाले दिन सुनील उर्फ नीति बाइक पर सवार होकर सुखदेव नगर मे नरेश के ऑफिस के बाहर करीब 8 बजै तक रेकी करता रहा व पुलकित व चेतन स्काईलार्क के पास स्वीफट डिजायर कार खड़ी कर सुनील के आने के इंतजार मे खड़े रहे। सुनील उर्फ निती नरेश शर्मा के ऑफिस से निकलने से करीब पांच मिनट पहले स्काईलार्क के पास खड़े पुलकित व चेतन के पास पहुचां और नरेश के ऑफिस से निकलने बारे सारी जानकारी दोनों को दी। इसके कुछ देर पश्चात नरेश शर्मा अपनी कार मे सवार होकर स्काईलार्क के सामने पहुचा तो पुलकित व चेतन ने नरेश शर्मा को गाड़ी रोकने का ईशारा किया। नरेश के कार रोकने के बाद बाकि बचे पैसे देने की बात बोलकर दोनो उसी की कार मे सवार होकर सैक्टर-13/17 मे स्थित अपने गाड़ीयों के सेल प्रचेज ऑफिस मे ले गए। ऑफिस के अंदर जाने के बाद तीनों ने गला दबाकर नरेश शर्मा की हत्या कर दी और शव को उसी की इटियोश कार की डिग्गी मे डालकर सैक्टर-18 से जीटी रोड़ घरोंडा से फुरलक रोड़, स्टोंडी के रास्ते 10 बजै के करीब नहर पर पहुचे और नरेश शर्मा के शव को कार कि डिग्गी से निकालकर शव नहर मे डाल दिया इसके कुछ देर बाद कार को भी नहर मे डाल दिया। वहा से तीनो आरोपी साथ ले गए अपनी डिजायर कार मे सवार हो उसी रास्ते से सैक्टर-13/17 मे अपने ऑफिस आए इसके बाद तीनो अपने-अपने घर चले गए थे।

उप-पुलिस अधीक्षक श्री विजेन्द्र सिंह ने बताया कि आरोपियों ने अपने शातिर दिमांग का प्रयोग करते हुए नहर पर जाने के लिए लिंक रास्तो का प्रयोग किया आरोपियों को डर था की जीटी रोड़ से जाएगे तो टोल या अन्य स्थानो पर लगे सीसीटीवी केमरा मे उनकी फुटेज केद हो जाएगी जिससे वह बाद मे पकड़े जाएगे।

उन्होने बताया कि आरोपियों ने नरेश शर्मा की कार पर लगी नंबर प्लेट व उसकी जेब से उसका मोबाईल फोन निकालकर रास्ते मे तोड़कर फेक दिया था व गले मे पहनी सोने की चैन निकाल ली थी।

गहनता से पुछताछ करने के लिए गिरफतार तीनों आरोपियों को आज माननीय न्यायालय मे पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।

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